आर्य कुमारो यही व्रत धारो देश जगाना है।
आर्य बनाना है ।।
सब सत्य विद्या और पदार्थ विद्या से जाने जाते।
उन सबका आदि मूल परमेश्वर को बतलाते।।
चौबीस अक्षरी मन्त्र गायत्री सबको सिखाना है ।। १ ।।
विश्वासो के दीप जलाकर युग ने तुम्हे पुकारा 👇🏻https://aryaveerdal.in/vishvaso-ke-deep-jlakar/
वेद का पढ़ना पढ़ाना सुनना और सुनाना ।
समझे इसको परम धर्म ना करना कोई बहाना ।
पत्थर पूजें नाहक जूझें उन्हें हटाना है ।।२।।
पञ्च यज्ञ घर-घर में करना सीखें सब नर नारी ।
दुर्व्यसनों से दूर रहे बने सदाचारी उपकारी।
अभक्ष्य पदारथ समझ अकारथ उन्हें छुड़ाना है।।३।।
इसलिए पड़ा निकल, है आर्यों का वीर दल 👇🏻https://aryaveerdal.in/isliye-pada-nikal-hai-aaryo-ka-veer-dal/
मातृवत् परदारेषु पर धन मिट्टी जानें ।
वैदिक शिष्टाचार को बरतें सीखे ढंग पुराने ।।
हों गुण अन्दर वीर वीरेन्द्र झुके जमाना है ।।४।।

