आर्यवीर दल टंकारा (त्रण हाटड़ी शेरी) का 40वां स्थापना दिवस।

0
190

कार्यक्रम का शुभारंभ – 11 जून सुबह 8:00 बजे

  • विचार पूर्ण व्याख्यान – आचार्य अजय जी
  • मुनी सुचिसादजी
  • शिवदतजी पाण्डेय
  • आचार्य रामदेव शास्त्री

लो प्राणजीवनभाई ने आर्य वीर दल के विकास के लिए ₹1,50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की ।

ऋषि जन्मभूमि टंकारा स्थित आर्यसमाज टंकारा द्वारा संचालित आर्यवीर दल टंकारा (त्रण हाटड़ी शेरी) का 40वां स्थापना आज बड़े उत्साह के साथ मनाया गया जिसमें पूज्य आचार्य अजयजी के अलावा मुनि सुचिसादजी, (शिवदतजी पाण्डेय) और आचार्य रामदेवजी शास्त्री ने विचारपूर्ण व्याख्यान दिए। कार्यक्रम की शुरुआत 11 जून को सुबह 8 बजे यज्ञ के साथ हुई, इसके बाद कैलाशबेन लो द्वारा भगवान की स्तुति का एक भजन, आर्य वीर, वीरांगनाओ द्वारा एक समूह गीत उसके बाद आर्य वीर ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया में आर्यवीर दलसे जुड़ने के लाभों पर प्रस्तुत कि। फिर आर्यवीर दल टंकारा का इतिहास राजकोट के सुपर स्पेश्यालिस्ट डॉ. बिपिनभाई भिमानी और आर्यवीर दल के संस्थापक शाखा के आर्यवीर टंकारा आर्य वीर दल का इतिहास सुनाया ।

साथ ही शिविर में सफलता प्राप्त करने वाले सभी शिविरार्थियों को प्रोत्साहित किया। पिछली वार्षिक परीक्षाओं में उच्च शैक्षणिक उपलब्धि हासिल करने वाले आर्य सदस्य परिवारों के आर्य वीरों को भी प्रोत्साहित किया गया, जिसके बाद लो प्राणजीवनभाई ने आर्य वीर दल के विकास के लिए ₹1,50,000 की आर्थिक सहायता प्रदान कि उनके परिवार को सम्मानित किया गया। उसके बाद मोरवी स्थित सवसाणी परिवार का भी सम्मान किया गया जिसके द्वारा संतों और क्रांतिकारियों के चित्र टाइल्स पर नि: शुल्क बनाए जाते हैं और आर्य समाज को भेंट किए जाते हैं। इस अवसर पर, तीन विद्वान आचार्यों, संतों द्वारा बहुत ही विचारशील व्याख्यान दिया गये उनके विचार सुनकर सब लोग आनंद का अनुभव कर रहे थे। 450 व्यक्तियों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम आर्यवीर दल टंकारा के संचालक अश्विनभाई आंबलिया के आभार दर्शन के साथ समाप्त हुआ और सभी ने महाप्रसाद भी ग्रहण धन्यवाद नमस्ते ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here