सार्वदेशिक आर्य वीरांगना दल राष्ट्रीय शिविर 2026 –
संस्कृति, शक्ति और सेवा के पावन उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए सार्वदेशिक आर्य वीरांगना दल द्वारा वर्ष 2026 में एक भव्य राष्ट्रीय शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर युवतियों के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास का एक उत्कृष्ट अवसर है।
शिविर की मुख्य जानकारी :-
आयोजन तिथि: 06 जून से 15 जून 2026
स्थान: गुरुकुल कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
आयोजक: सार्वदेशिक आर्य वीरांगना दल
अध्यक्षता: स्वामी देवव्रत सरस्वती जी
यह शिविर गुरुकुल कुरुक्षेत्र के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिभागियों को अनुशासन, आत्मरक्षा, योग, वैदिक ज्ञान और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
शिविर का उद्देश्य :-
इस राष्ट्रीय शिविर का मुख्य उद्देश्य है :-
शारीरिक क्षमता का विकास
आत्मरक्षा प्रशिक्षण
वैदिक संस्कृति का प्रचार
नेतृत्व क्षमता विकसित करना
अनुशासन और सेवा भावना बढ़ाना
प्रशिक्षण के प्रमुख विषय :-
शिविर में प्रतिभागियों को निम्नलिखित प्रशिक्षण दिया जाएगा :
व्यायाम एवं शारीरिक प्रशिक्षण
बौद्धिक विकास (ज्ञान-वर्धक सत्र)
व्यक्तित्व विकास
लाठी एवं आत्मरक्षा कौशल
योग एवं ध्यान
आवश्यक सामग्री :-
शिविर में आने वाले प्रतिभागियों को निम्नलिखित सामान साथ लाना आवश्यक है :
आर्य वीरांगना गणवेश
सफेद जूते और मोजे
लाठी
नोटबुक
दैनिक उपयोग की वस्तुएं
प्रवेश शुल्क :-
शाखानायक: ₹800
उप व्यायाम शिक्षक / व्यायाम शिक्षक: ₹1000
(पाठ्य पुस्तकें शिविर द्वारा प्रदान की जाएंगी)
महत्वपूर्ण निर्देश :-
आधार कार्ड की प्रतिलिपि लाना अनिवार्य
पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक
माता-पिता या अधिकारी की अनुमति आवश्यक
अनुशासन का पालन अनिवार्य (उल्लंघन पर निष्कासन संभव)
संपर्क जानकारी :-
व्रतिका आर्य (प्रधान संचालिका)
📱 6377815126
अन्य संपर्क :-
नन्दकिशोर शास्त्री – 9466436220
कृष्णपाल आर्य – 9717497035
संजीव आर्य – 9996026320
प्रवीन आर्य – 9467071733
रूपलाल आर्य – 8689001136
शिविर तक पहुँचने का मार्ग :-
रेलमार्ग: कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन
टेम्पो द्वारा: यूनिवर्सिटी थर्ड गेट
बस द्वारा: पिपली बस स्टैंड
वहाँ से लोकल बस/टेम्पो द्वारा गुरुकुल पहुँच सकते हैं
निष्कर्ष :-
यह राष्ट्रीय शिविर युवतियों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जहाँ वे न केवल आत्मरक्षा और शारीरिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगी बल्कि वैदिक संस्कृति और जीवन मूल्यों को भी आत्मसात करेंगी। यदि आप अपने जीवन में अनुशासन, शक्ति और सेवा भावना विकसित करना चाहती हैं, तो यह शिविर आपके लिए अत्यंत लाभदायक है।

