पर्व
15 अगस्त स्वतन्त्रता दिवस सन् 1947
15 अगस्त को भारत वर्ष को स्वतन्त्रता मिली जिसके लिये अनगिनत वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। इस दिन प्रातःकाल प्रभात फेरी तिरंगा ध्वज लेकर निकालें और फिर उन हुतात्माओ को श्रद्धांजलि अर्पित करे तथा अपने देशको समृद्ध और विदेशी दासता, पश्चिम की संस्कृति से मुक्त कराने का संकल्प लें |
रक्षाबन्धन – 30 अगस्त
हमारा यह सांस्कृतिक पर्व है। इस दिन आर्य समाजों में जाकर यज्ञ, सत्संग में सम्मिलित होवें अथवा स्वयं यज्ञ और यज्ञोपवीत परिवर्तन करें। श्रावणी पर्व के अवसर पर वेदादि का स्वाध्याय करने का संकल्प लें। अपनी बहनों से राखी बंधवा कर उनकी रक्षा करने का संकल्प लें और साथ ही उन्हें अपनी रक्षा स्वयं करने के लिये आर्य वीरांगना दल की शाखाओं में जाने के लिये प्रोत्साहित करें अथवा उन्हें आत्मरक्षा करने का प्रशिक्षण दें ।
हैदराबाद मुक्ति संग्राम
जब हैदराबाद के निजाम ने हिन्दुओं पर अनेक पाबंदियां लगा दी तो आर्य समाज ने इस अन्याय के विरुद्ध सत्याग्रह का बिगुल बजा दिया। हैदराबाद रियासत की जेलें सत्याग्रहियों से भर गई। अनेक वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी। अन्त में नवाब को घुटने टेकने पड़े और आर्य समाज की सारी शर्तें मानकर सभी सत्याग्रहियों को मार्ग व्यय देकर विदा किया। आर्य समाज के लिये यह गौरव का दिन है ।
यह दिवस भी रक्षाबन्धन के दिन ही मनाया जाता है।
शुभकामनाओं सहित –
स्वामी देवव्रत सरस्वती
सत्यवीर शास्त्री
प्रधान संचालक सार्वदेशिक आर्य वीर दल

