3 माह के प्रवास ( Migration) से पूर्व प्रधान संचालक का संदेश एवं दिशा निर्देश।
मेरे प्यारे आर्यवीरो!
माननीय सार्वदेशिक आर्य वीर दल के देश विदेशीय एवं प्रांतीय अधिकारी वृन्द प्रांतीय संचालक, कार्यकारी संचालक, सह संचालक, जिला ,नगर, तहसील ,ग्राम संचालक महानुभाव!
( १) आप और हम एक ऐसे सार्वभौम संगठन के सदस्य हैं जो महर्षि दयानंद जी द्वारा स्थापित आर्य समाज का पवित्र युवा संगठन है जिस पर हमें गर्वित एवं गौरवान्वित होना चाहिए।
(२) मित्रों! मुझे पारिवारिक एवं सामाजिक कारणों से 3 माह के प्रवास पर ऑस्ट्रेलिया जाना पड़ रहा है, मेरा प्रयास रहेगा कि वहां पर भी आर्य समाज के प्रचार प्रसार में सहयोग कर पाऊं।
(३) नवंबर से फरवरी तक आर्यवीरों(छात्रों) का अध्ययन अध्यापन का विशेष समय होता है, उनके भविष्य के लिए यह अति महत्वपूर्ण काल है। अतः शाखाओं के साथ साथ आप अपने अध्ययन पर भी विशेष ध्यान व श्रम करें।
(४) प्रत्येक माह में आने वाले विशेष अवसरों पर संगठन की सम्मिलित गतिविधियां करें। स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस, आर्य वीर दल स्थापना दिवस (गणतंत्र दिवस), महर्षि दयानंद जन्मदिवस इत्यादि पर प्रभातफेरी, भाषण, गीत, खेल, अंत्याक्षरी आदि प्रतियोगिताएं कराएं।
(५) प्रांतीय अधिकारीगण से निवेदन है की आर्य समाज महर्षि दयानंद का 200 वहां जन्मदिवस 2024 में बड़ी धूमधाम से मनाएगा, उस विशाल समारोह में आपके प्रांत के प्रत्येक जिले से 100 आर्यवीर गणवेश में शामिल हों। इस प्रकल्प को मुख्य लक्ष्य बनाकर सभी जिलों के दौरे (भ्रमण) करें। प्रत्येक दो या तीन माह में इसकी प्रगति की समीक्षा करें।
महानुभावो! बिंदु संख्या 3 से 5 उत्तरोत्तर महत्व के हैं। अतः इन पर दत्तावधानता महत्वपूर्ण होगी। मैं 12 फरवरी को स्वदेश लौटकर इन बिंदुओं पर आपसे संवाद करूंगा। आशा है आप अवश्य ही मेरे इस लघु निवेदन पर ध्यान देकर क्रियान्वित करने का पुरजोर प्रयास करेंगे।
विशेष -सभी प्रांतीय सभाओं के माननीय पदाधिकारीगण से भी मेरा पुनः पुनः अति विनम्र आग्रह है कि आप आर्य समाजों में आर्य वीर दल की व्यवस्थित शाखा लगाने का आदेश प्रसारित करके सकारात्मक सहयोग अवश्य ही करें।
सत्यवीर आर्य प्रधान संचालक।

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