आर्य वीर दल का शिविर संपन्न: करतारपुर

0
220
Arya Veer Dal shivir sampann Kartarpur

आर्य वीर दल का सात दिवसीय शिविर: स्वामी विरजानंद गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर में हुआ संपन्न

स्वामी विरजानंद गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर, पंजाब के प्रांगण में आर्य वीर दल का सात दिवसीय शिविर दिनांक 23 मार्च 2025 से 29 मार्च 2025 तक सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।

इस शिविर का आयोजन गुरुकुल के प्राचार्य उदयन जी के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में व्यायाम शिक्षक श्रीकांत जी, जो कि महाराष्ट्र के प्रधान व्यायाम शिक्षक हैं, के नेतृत्व में आर्य वीरों को विभिन्न प्रकार की शारीरिक एवं सैनिक शिक्षा प्रदान की गई।


प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण

शिविर में भाग लेने वाले आर्य वीरों को भारतीय पारंपरिक व्यायाम, सैनिक शिक्षा, नियुद्धम तथा तलवारबाजी का गहन प्रशिक्षण दिया गया। व्यायाम शिक्षक श्रीकांत जी ने प्रतिभागियों को अनुशासन, आत्मरक्षा तथा शारीरिक स्फूर्ति बनाए रखने के लिए विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया।

सात दिनों के इस शिविर में 280 आर्य वीरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने कौशल को निखारने का अवसर प्राप्त किया।


मुख्य अतिथियों की उपस्थिति एवं सम्मान

इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के नेता वरुण जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने आर्य वीरों की प्रतिभा और उनके समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा इस प्रकार के आयोजनों को समाज में बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

इसके अतिरिक्त, यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित प्राध्यापकों ने भी इस शिविर में विशेष योगदान दिया और सात दिनों तक विविध विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।


Arya Veer Dal shivir sampann Kartarpur

अंतिम दिन का विशेष आयोजन

शिविर के अंतिम दिन प्रतिभागियों द्वारा अपने अर्जित कौशल का भव्य प्रदर्शन किया गया।

280 आर्य वीरों ने समवेत रूप से सर्वांग सुंदर व्यायाम, सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार एवं नियुद्धम का शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों को रोमांचित कर दिया और भारतीय संस्कृति एवं शारीरिक सशक्तिकरण की महत्ता को उजागर किया।


अंतिम सत्र और समापन समारोह

शिविर के समापन समारोह में गुरुकुल के प्राचार्य उदयन जी ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत एवं सम्मान किया।

उन्होंने शिविर की सफलता का श्रेय गुरुकुल परिवार, आर्य वीर दल और प्रशिक्षकों की मेहनत को दिया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के शिविरों से युवा पीढ़ी में आत्मनिर्भरता, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को और अधिक मजबूती मिलेगी।

इस सात दिवसीय शिविर ने युवा आर्य वीरों के मानसिक एवं शारीरिक विकास को एक नई दिशा दी और भारतीय संस्कृति एवं परंपरा को सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

अब लेख को पंक्तिबद्ध रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे पढ़ने में और अधिक सुगमता होगी। यदि इसमें और सुधार या बदलाव चाहिए तो बताएं!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here