युवा संस्कार निर्माण शिविर चित्तौड़गढ़

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युवा संस्कार निर्माण शिविर

प्रतापगढ़-चित्तौड़गढ़ जिला आर्यवीर शिविर, छोटी सादड़ी

व्यक्तित्व विकास, चरित्र निर्माण प्रशिक्षण

(18 मई से 25 मई 2024 तक)

शिविर स्थल : विद्यानिकेतन (गोमाना दरवाजा बाहर) खेति सादड़ी (जिला-प्रतापगढ़) आयोजक : आर्य समाज छोटी सादड़ी एवं निम्बाहेड़ा

राष्ट्रप्रेमी भाईयों व बहिनों !

ओ३म्

सादर नमस्ते

स्वर्ण नगरी छोटी सादड़ी के विद्या निकेतन विद्यालय में आर्य समाज के तत्वाधान में आगामी 18 से 25 मई 2024 तक आठ दिवसीय विशाल आर्यवीर (युवा संस्कार निर्माण) आवासीय शिविर आयोजित किया जा रहा है!

शिविर में 12 वर्ष की उम्र से बड़े किशोर युवाओं के संस्कारयुक्त चरित्र निर्माण के लिए आदर्श भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं तथा उनके निर्वहन से उद्देश्यपरक जीवन सफल करने वाले महापुरुषों के जीवन चरित्र के साथ-साथ भारत की गौरवशाली ऐतिहासिक घटनाओं व वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से युवा पीढ़ी में व्याप्त हो रही श्रम करने से विमुख आलस्य प्रवृत्ति, बिगड़ी दिनचर्या एवं बढ़ते नशाखोरी व स्वार्थपन की प्रवृत्ति से बचने की आवश्यकता व उसके उपायों पर चिंतन, चर्चा कर बौद्धिक प्रदान किया जाएगा!

साथ ही युवाओं के बलिष्ठ शारीरिक व मानसिक विकास एवं आत्मिक उन्नति के लिए उचित व्यायाम, आसन, जुड़े कराटे, दंड बैठक, सूर्य नमस्कार, सैनिक शिक्षा, समुचित लाठी आदि शस्त्रों के साथ ही योग प्राणायाम, ध्यान उपासना, के अभ्यास सहित शास्त्रों का परिचय व उनका पठन-पाठन, मंत्र व श्लोकों का अभ्यास कराया जाएगा। जिनकी वर्तमान समय की पीढ़ी में गिरते मानवीय नैतिक, सामाजिक व राष्ट्रीय मूल्यों एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति उदासीनता, वयोवृद्ध परिवार जनों की सेवा सुश्रुषा एवं श्रद्धा के घटते भावों के वातावरण को सुधारने के लिए बहुत अधिक आवश्यकता महसूस की जा रही है। अतः यह हम सब वरिष्ठजनों का दायित्व है कि समय रहते प्रतिकूलस्थिति को संभालते हुए उसे अनुकूलता में बदला जाए!

अतः अपनी संतानों को सुसंस्कृत, स्वावलंबी, सक्षम व सेवाभावी बनाकर उज्जवल भविष्य के सुनहरे भारत के सुयोग्य नागरिक निर्माण के लिए अधिकाधिक बालकों को शिविर में अवश्य सम्मिलित करावें ।

शिविर की विशेषताएं-

1.- ब्रह्ममुहूर्त में जल्दी जागरण से समय पर रात्रि शयन तक सुव्यवस्थित सरस अनुशासित दिनचर्या के

महत्व को प्रेम से समझाते हुए उसके पालन का अभ्यास प्रसन्नता पूर्वक कराया जाएगा!

2.- संपूर्ण प्रशिक्षण सुयोग्य एवं अनुभवी प्रशिक्षकों व विद्वानों द्वारा मनोयोग से कराया जाएगा!

3.-प्रतिदिन उचित व्यायाम, ध्यान, उपासना, यज्ञ (हवन) व आध्यात्मिक प्रवचनों के साथ-साथ शारीरिक व

मानसिक विकास के लिए !

4.-परंपरागत खेल कबड्डी, खो-खो, सैनिक शिक्षा आदि एवं सरस ज्ञानवर्धक वाद-विवाद, भाषण, आशुभाषण, निबंध, पत्र लेखन, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रवृत्तियों के अभ्यास के साथ-साथ ऐसी प्रतियोगिताओं का आयोजन कर अनुशासित, प्रतिभाशाली शिविरार्थियों का चयन कर आगे द्वितीय स्तर (शाखा नायक) तथा तृतीय स्तर (आर्यवीर शिक्षक) के राज्य व राष्ट्र स्तर के शिविरों में भाग लेने का अवसर सुलभ होगा !

5.-शिविर में प्रतिदिन यथा समय शुद्ध सात्विक, पौष्टिक, प्रातः राश (नाश्ता) दूध एवं भोजन का प्रबंध होगा !

शिविर में भाग लेने के आवश्यक नियम व निर्देश-

  1. शिविरार्थियों एवं अभिभावकों को पूरे शिविर काल में शिविर के नियमों का अनुशासनबद्ध होकर पालना करनी होगी!
  2. शिवरार्थियों के शिविर में आवास भोजन एवं शिक्षण की व्यवस्था निःशुल्क होगी, किंतु शिविर में भाग लेने के लिए प्रति शिविरार्थी पंजीयन शुल्क 400/- रूपये निर्धारित किया है।” पहले आओ पहले पाओ” के सिद्धांत पर आज ही व्यवस्था टीम के किसी अधिकृत महानुभाव को पंजीयन राशि जमा करा अपना स्थान सुरक्षित कर लें, शिविर में केवल लगभग 100 शिवरार्थियों को ही प्रवेश दिया जाएगा!
  3. शिविरार्थी न्यूनतम उम्र 12 वर्ष (सामान्यतः कक्षा 7 से 12 तक में अध्यनरत) होकर पूर्णस्वस्थ स्थिति में हो ! 4. शिविर 18 मई को प्रातः 4:00 बजे से प्रारंभ होगा अतः सभी शिविरार्थियों को शिविर स्थल (विद्या निकेतन गोमाना दरवाजा छोटी सादड़ी) पर 17 मई को सांयकाल 5:00 बजे तक अनिवार्यतः उपस्थित होना होगा तथा पूरे शिविर अवधि में शिविर स्थल पर ही अनुशासन में रहकर निर्देशानुसार गतिविधियों में रुचि व उत्साह से भाग लेना होगा! 25 मई को अपराह्न शिविर समापन के पश्चात ही अभिभावक के साथ शिविर स्थल छोड़ने की अनुमति होगी ! 5. शिविर में कोई भी शिविरार्थी मोबाइल तथा अन्य कोई कीमती सामान सोने चांदी के आभूषण अंगूठी नगद राशि आदि लेकर नहीं आवे! शिविरार्थी को मोबाइल का उपयोग बिल्कुल निषेध होगा, अभिभावक जब चाहे तब शिवराधिपति, शिविर व्यवस्थापकों, शिक्षकों से प्रत्यक्ष या दूरभाष पर संपर्क कर सकेंगे !
  4. प्रत्येक शिविरार्थी अपने साथ मौसम के अनुकूल बिस्तर पहनने के कपड़े, कान तक लंबाई की लाठी, सफेद शर्ट, टी-शर्ट, सेण्डो बनियान, मोजे, खाकी नेकर (हाफ पेंट), सफेद पीटी शूज, अपनी नोटबुक व पेन, पेंसिल, रबर, दो नए पासपोर्ट साइज के फोटो, सरसों के तेल की शीशी, मंजन, साबुन, ब्रश, एक थाली, एक प्लेट, एक गिलास, एक चम्मच, दो कटोरीयां, आदि आवश्यक बर्तन साथ लाने हैं! शिविर संचालन (प्रारंभिक तदर्थ) समिति-

डॉ मथुरा लाल धाकड़ 9413316277,

विक्रम सिंह आंजना 9414144449,

प्रदीप व्यास 900 133 8293

राधेश्याम साहू 9414858253,

राधेश्याम धाकड़ 9571504383

महेश ‘सुमन’ 9414857882,

लक्ष्मी नारायण तेली 9460436705

पुष्पेंन्द्र उपाध्याय 9414618928,

मोहनलाल आर्यपुष्प 9413047474

शिवलाल आंजना 9829245238

नोटः- शिविर की तैयारी में पृथक पृथक कार्य व्यवस्था के प्रभारी निर्धारण हेतु आगामी बैठक की जाएगी उसमें आप सबके सहयोग से फाइनल रूप से शिविर संचालन समिति का गठन किया जाएगा! शिविर में प्रशिक्षण के लिये निष्णात आर्यवीर शिक्षक श्री जीवन जी, दिनेश जी, भागचन्द जी व प्रातिय अध्यक्ष श्रद्धेय भवदेव जी शास्त्री पधारेगें।

स्थानीय संपर्क सूत्र –

छोटीसादड़ी – बाबूलाल जी पाटीदार, प्यार चंद जी साहू, रामविलास जी, समरथ जीआर्य, कर्णमल साहू, सुरेश गुजराती, पहलवान अजय शर्मा 8302593642, 9079986109, पहलवान दीपक माली 9667083232, नरेंद्र गुजराती, अर्जुन आर्य 9460041193, नरेंद्र साहू 9887164167, बसेड़ा-उदयलाल जी पहलवान 995011451, गोमाना-किशन लाल जी आंजना 9414618279, देवीलाल जी पाटीदार, सियाखेड़ी अनिल जी चौहान अध्यापक 9929266314, नरेंद्र सेन 8769678837, कारुण्डा परशुराम शर्मा 8058123357, हरिश्याम डोरिया 8949499045 मुकेश कोठारी 9950514054, चांदमल पाटीदार 9413403503, दिलीप जी खींची अध्यापक, आर्यनगर (खेड़ी)- कारू लाल जी पाटीदार 9887527116 जगदीश जी पाटीदार 9588000269, जीवनपुरा जगदीश जी पाटीदार 8209556813, हड़मतिया जागीर दशरथ जी पाटीदार 9617787248, अचलपुरा गोपाल जी शर्मा (सेवानिवृत पुलिस सेवा) 9829301259, स्वरूपगंज छगनलाल जी साहू अध्यापक 9414858433, रंभावली-श्री छगनलाल नागदा 9929 387917, निंबाहेड़ा अनिल जी कोठारी व्याख्याता 9929277954, मनीष जी प्रधानाचार्य 7230031414, रविंद्र साहू, अरविंद आर्य, यश शारदा, गोपाल जी साहू सेवानिवृत्ति शिक्षक, सुभाष साहू सेवानिवृत्ति नायब तहसीलदार, नरेंद्र वैष्णव 9799061 999, सत्यनारायण जोशी 9414420083, विशालआर्य 8290041231, आदित्य आंजना, दीपक नाथ 957805133 विशालसाबू 8290041231, मरजीवी कमल जी आंजना 9772315388, डोरिया- नंदलाल धाकड़ 9649543435, जावदा श्री सागरमल मेनारिया 9660 705184/6376817587, चंगेड़ी श्रीबगदी राम धाकड़ सेवानिवृत्ति अध्यापक 9929615729 चरलिया ब्राह्मणान बालचंद आर्य 8302348193, हीरालाल सेन 9772978356, गादोलारामेश्वर दत्त शर्मा अध्यापक 9784243265, सेमलिया श्री दिनेश जी 8696159708, फाचर अहिरान विनोद जी शर्मा अध्यापक 9829208652!

यदि आप माता-पिता (अभिभावक) चाहते हैं कि-

1.-आपका लाइला पुत्र आज्ञापालक, बड़ों का आदर व सेवा करने वाला, शिष्ट संस्कारित, अनुशासित, आलस्य व प्रमाद रहित पढ़ने लिखने सहित सब कार्य समय पर व्यवस्थित दिनचर्या के अंतर्गत करने वाला बलिष्ठ, प्रखार व प्रबुद्ध हो तथा 2. वह परमात्मा, समाज व माता-पिता से मिली अपनी समस्त योग्यता, क्षमता को रुचि पूर्वक अपने व्यक्तित्व निर्माण के सकारात्मक कार्यों में ऊर्जा लगाते हुए परिवार समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित होने वाला होकर मनुष्य जीवन सफल बनाए तो उसे अवश्य निसंकोच भेज दीजिए मात्र इस “8 दिन के अनूठे संस्कार युक्त व्यक्तित्व निर्माण के शिविर में तथा आप शिविर आयोजन की समुचित व्यवस्थाओं के लिए शिविर में कार्यकर्ता के रूप में तन मन से समय देकर तथा पूरी श्रद्धा से उदारता पूर्वक नगद धन राशि या गेहूं, चावल, तेल, घी दालें, शक्कर, दूध आदि विविधखाद्य सामग्री देकर भरपूर सहयोग कीजिए! या आप अपनी श्रद्धा पूर्ण स‌द्भावनायुक्त स्वेच्छा से किसी एक दिवस का या एक समय का भोजन या अल्पाहार (नाश्ता) या दूध, फल, सब्जी या शिविर में पुरस्कार वितरण समारोह की सामग्री के लिए एक मुश्त राशि प्रदान कर सकते हैं।

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