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आर्य वीर दल बलिया द्वारा महारानी लक्ष्मी बाई दैनिक शाखा

आर्य वीर दल बलिया

आर्य वीर दल बलिया (उत्तर प्रदेश) के तत्वावधान में संचालित महारानी लक्ष्मी बाई दैनिक शाखा नारी सशक्तिकरण, वैदिक संस्कार और शारीरिक–मानसिक विकास की दिशा में एक सशक्त पहल है। यह शाखा शेरवा कला, बलिया (उत्तर प्रदेश) में नियमित रूप से आयोजित की जा रही है, जहाँ अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभाव का समन्वय देखने को मिलता है।


तृतीय दिवस की गतिविधियाँ (05 फरवरी 2026)


दिनांक 05/02/2026 को प्रातः 5:45 बजे शाखा का शुभारंभ वैदिक परंपरा के अनुरूप गायत्री मंत्र प्रार्थना से हुआ। सामूहिक मंत्रोच्चारण से वातावरण सात्त्विक बना और साधिकाओं में एकाग्रता व सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।


इसके पश्चात:

  • योग एवं आसन अभ्यास – शारीरिक सुदृढ़ता और लचीलापन
  • प्राणायाम प्रशिक्षण – श्वसन शक्ति, मानसिक संतुलन व स्वास्थ्य लाभ
  • नैतिक शिक्षा – अनुशासन, समयपालन, आत्मसंयम, समाज व राष्ट्र के प्रति कर्तव्य

उपस्थिति :-

इस सत्र में कुल 12 आर्य वीरांगनाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।


प्रेरणा और मार्गदर्शन :


शाखा के प्रेरक एवं मार्गदर्शक आचार्य ज्ञान प्रकाश वैदिक (प्रांतीय संचालक, आर्य वीर दल – पूर्वी उत्तर प्रदेश) के मार्गदर्शन में वैदिक जीवन पद्धति, चरित्र निर्माण और नियमित साधना के महत्व को सरल व प्रभावी रूप में प्रस्तुत किया गया।


निरीक्षण एवं संरक्षण :


शाखा के निरीक्षक एवं संरक्षक राजेश कुमार आर्य, जिला संचालक आर्य वीर दल बलिया, द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए, जिससे शाखा की गतिविधियाँ सुव्यवस्थित और उद्देश्यपूर्ण बनी रहें।


शारीरिक प्रशिक्षण :


शालू आर्या, व्यायाम शिक्षिका एवं प्रशिक्षिका (आर्य वीरांगना दल बलिया) द्वारा कराए गए अभ्यासों से वीरांगनाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन और नियमितता का विकास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।


महारानी लक्ष्मी बाई दैनिक शाखा का उद्देश्य :

  • नारी शक्ति का शारीरिक, मानसिक व नैतिक उत्थान
  • वैदिक संस्कारों का प्रसार
  • अनुशासित जीवनशैली और राष्ट्र निर्माण की भावना


निष्कर्ष :


महारानी लक्ष्मी बाई दैनिक शाखा का तृतीय दिवस यह प्रमाणित करता है कि आर्य वीर दल बलिया द्वारा किया जा रहा यह प्रयास न केवल व्यक्तिगत विकास का माध्यम है, बल्कि सशक्त समाज और उज्ज्वल राष्ट्र के निर्माण की मजबूत नींव भी है।

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आर्य वीर दल हरियाणा की दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न

🌷🌷 ओ३म्🌷🌷

⚔️ आर्य वीर दल हरियाणा⚔️
की दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न

👉 1-हरियाणा से 4000 आर्यवीर गणवेश में दिल्ली जाएंगे।
👉 2- अन्य कई महत्त्वपूर्ण निर्णयों पर हुई सहमति।
👉 3- महाराष्ट्र, झारखंड तथा बंगाल की कार्यशालाओं की तिथियां हुई निश्चित।

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➡️ रोहतक, हरियाणा आर्य वीर दल की दो दिवसीय कार्यशाला दिनांक 2, 3 अगस्त, 2025 को दयानंद मठ रोहतक में सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें प्रांत के 18 जनपदों के संचालक एवं प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

➡️ सार्वदेशिक आर्य वीर दल की ओर से प्रधान संचालक आदरणीय श्री सत्यवीर आर्य तथा प्रचार मंत्री आचार्य नंदकिशोर उपस्थित हुए।


👉 सर्वप्रथम वैदिक राष्ट्रिय प्रार्थना के पश्चात् परिचय हुआ और हरियाणा प्रांतीय संचालक श्री उमेद सिंह शर्मा, सह संचालक आचार्य श्री संदीप जी तथा उपसंचालक डॉ नरेंद्र जी ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया।


👉 1-प्रधान संचालक जी ने अपने विस्तृत संबोधन में दिल्ली महासम्मेलन पर प्रकाश डालते हुए यह अपील की कि इस महासम्मेलन के सुचारू रूप से संपन्न होने के लिए सार्वदेशिक आर्य वीर दल को सुरक्षा, भोजन व्यवस्था, अनुशासन एवं रात्रि पेट्रोलिंग व अन्य कई दायित्व सौंपे जाएंगे। हरियाणा, दिल्ली निकटवर्ती प्रांत होने से विशेष उत्तरदायित्व वहन करेंगे। अतः हरियाणा से अधिक से अधिक संख्या में आर्य वीरों की सहभागिता होनी चाहिए। इस अपील पर सभी जिला संचालकों और आर्य समाजों के अधिकारियों ने उत्साह पूर्वक अपने-अपने जिले से आने वाले आर्य वीरों की संख्या प्रांतीय अधिकारियों को लिखवाई, जिसका सर्वयोग 4000 हुआ।


👉 2-प्रांतीय संचालक श्री उम्मेद शर्मा जी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि हरियाणा आर्यवीर दल का इतिहास गौरवपूर्ण रहा है और इस महासम्मेलन में भी हम पूर्ण उत्साह के साथ सबसे बड़ी संख्या में उपस्थित होंगें। श्री शर्मा जी ने घोषणा की कि महासम्मेलन में जाने वाले प्रत्येक आर्यवीर के गणवेश के लिए प्रांतीय कोष से भी कुछ सहयोग दिया जाएगा।


👉 3- डॉ नरेंद्र जी एवं आचार्य संदीप जी ने शाखाओं का विस्तार किस प्रकार किया जाए और किस तरह से आर्य वीरों को अधिक से अधिक संख्या में एकत्र कर सम्मेलन स्थल पर पहुंचा जाए, इस पर अपने मूल्यवान विचार एवं सुझाव दिए।


👉 4- दूसरे दिन 3 अगस्त रविवार को कुछ और प्रतिनिधि कार्यशाला में सहभागिता करने के लिए पहुंचे तथा इस बात पर गंभीरता से विचार किया गया कि सभी आर्य वीरों को व्यवस्थित एवं सुरक्षित तथा अनुशासित ढंग से गमनागमन हेतु छोटे-छोटे समूह बनाकर उन पर समूह नेता बनाया जाए और उसी का समस्त दायित्व रहे।


👉 5 – निर्णय लिया गया कि सभी जिला संचालक एवं अन्य अधिकारीगण तथा आर्य समाज अपने स्तर पर दिल्ली से जारी हुए विज्ञापन पर ही अपना नाम मोटे अक्षरों में लिखकर विज्ञापन करें प्रचार प्रसार करें।


देश भर से आने वाले 12 से 15 हजार आर्य वीरों का आवास एवं भोजन एक ही स्थान पर रहे। व्यायाम सम्मेलन के समय स्टेज पर (मुख्य पंडाल में) कोई कार्यक्रम ना चले इससे व्यायाम सम्मेलन की उपस्थिति पर गहरा असर होता है। व्यायाम के समय साउंड सिस्टम का कंट्रोल यूनिट एकदम स्टेज के निकट हो। सम्मेलन से पूर्व आर्य वीर दल के लिए आवंटित हाल में समस्त मुख्य अधिकारियों की बैठक हो जिसमें सब की ड्यूटियां व जिम्मेदारियां लगाई जाएं। शौचालयों के साथ-साथ बिजली,पानी एवं चिकित्सा की उत्तम व्यवस्था हो।


कार्यशाला में हरियाणा आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान श्री देशबंधु जी तथा सभी जिला संचालकों और विशिष्ट आर्य समाज के अधिकारियों ने भी अपने विचार प्रकट किये और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।


प्रचार मंत्री आचार्य नंदकिशोर जी के उत्साहित करने वाले संबोधन के साथ कार्यशाला संपन्न हुई आचार्य नंदकिशोर जी ने कहा कि हमें सेवानिवृत्त विद्वानों का सहयोग बौद्धिक में लेना चाहिए, अपने क्षेत्र के योग्यतम व्यक्तियों के निरंतर संपर्क में रहें, समस्याएं हैं तो उनका समाधान भी है मैदान खाली पड़ा है, कार्य करने की आवश्यकता है और जो भी काम आप करें उसे सबके साथ साझा करें। अंत में इस निश्चय के साथ कि प्रांतीय संचालक जी के साथ आचार्य संदीप जी डॉक्टर नरेंद्र जी और स्वामी सच्चिदानंद जी पूरे प्रांत का दौरा करेंगे, कार्यशाला संपन्न हो गई।
कार्यशाला में आए सभी प्रतिभागियों की सुंदर आवास एवं भोजन की व्यवस्था के लिए हरियाणा आर्यवीर दल के अधिकारियों का विशेष धन्यवाद किया गया।
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प्रस्तुतकर्ता
आचार्य नंदकिशोर
प्रचार मंत्री सा.आ.वी.द.

गुरुकुल विश्वभारती भैयापुर लाढ़ौत रोहतक

आर्य वीर दल बिहार प्रदेश की कार्यशाला संपन्न

आर्य वीर दल बिहार प्रदेश की कार्यशाला संपन्न

प्रांतीय कार्यालय का हुआ उद्घाटन।

आर्य वीर दल के समस्त माननीय अधिकारियों को यह जानकर प्रसन्नता होगी कि दिनांक 6 जुलाई, 2025 को पटना में आर्य प्रतिनिधि सभा पटना के नया टोला स्थित सभागार में आर्य वीर दल बिहार प्रदेश की कार्यशाला सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। इस कार्यशाला में प्रदेश भर से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, विशेष रूप से प्रांतीय सभा के प्रधान तथा विधायक श्री संजीव चौरसिया जी और सभा मंत्री श्री रमेश चंद्र गुप्ता जी आर्य वीर दिल के प्रधान संचालक श्री सत्यवीर आर्य, उपप्रधान संचालक दिनेश आर्य, प्रांतीय संचालक श्री संजय सत्यार्थी, मंत्री सुधीर आर्य आदि इसमें सम्मिलित हुए।


इस अवसर पर आधुनिक संसाधनों से युक्त आर्य वीर दल बिहार प्रदेश के कार्यालय का उद्घाटन भी प्रधान संचालक जी के कर कमलों द्वारा संपन्न हुआ और यह निश्चय किया गया कि प्रतिमाह कार्यालय में शिविर का आयोजन होगा, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन में जाने वाले आर्य वीरों को सामान्य प्रशिक्षण दिया जायेगा। कार्यशाला में यह भी निश्चय किया गया कि आगामी अक्टूबर, नवंबर में दिल्ली में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन में बिहार प्रदेश से 500 आर्यवीर गणवेश में सहभागिता करेंगे।
7 से 8 जिलों के आर्य समाजों के अधिकारियों ने 130 आर्य वीरों को महासम्मेलन में ले जाने की घोषणा की। शेष आर्य वीरों की सहभागिता के लिए प्रांतीय अधिकारी सघन दौरा करेंगे और प्रदेश में स्थित आर्य शिक्षण संस्थाओं के अधिकारियों से संपर्क करके 500 आर्य वीरों की संख्या निश्चित रूप से पूरी की जायेगी।


प्रदेश में आर्य वीर दल को किस प्रकार से सक्रिय किया जाए इस पर भी प्रधान संचालक जी ने विस्तार से अपनी योजना प्रस्तुत की, जिसका सभी ने करतल ध्वनि से स्वागत किया तथा सभा के प्रधान तथा मंत्री जी ने योजना को क्रियान्वित करने के लिए पूर्ण सहयोग देने का वचन दिया।


प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आए हुए अधिकारियों व आर्य समाजों के प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किये और उत्साह के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया। प्रांतीय संचालक संजय सत्यार्थी जी ने आर्य वीर दल मित्र योजना प्रस्तुत की जिसमें प्रतिमाह 100 रुपए सहायता करने वाले 1000 सदस्य बनाए जाएंगे तथा संरक्षक सदस्य 5100 रुपए प्रतिवर्ष देने वाले 100 सदस्य भी बनाए जाएंगे, इस योजना को इतना समर्थन मिला कि बहुत से सदस्य उसी समय बन गए और प्रत्येक सक्रिय कार्यकर्ता 10-10 सदस्य अवश्य बनाएंगे यह वचन भी दिया। संगठन के प्रांतीय मंत्री श्री सुधीर जी कार्यालय को नियमित संभालेंगे और प्रांतीय संचालक श्री सत्यार्थी जी अपने कार्यक्रमों को संपन्न करके प्रांत का सघन दौरा भी करेंगे श्री संजय सत्यार्थी एक प्रभावशाली वक्ता, पुरोहित, कवि और प्रांत में लोकप्रिय व्यक्तित्व के धनी हैं, उनके नेतृत्व में प्रांतीय आर्य वीर दल निरंतर उन्नति करेगा यह आशा की जाती है। अन्य सभी प्रान्तों के अधिकारियों से निवेदन है कि वह भी यथाशीघ्र अपनी कार्यशालाएं संपन्न करके प्रत्येक जिले के जिला संचालक की जिम्मेदारी तय करें और प्रदेश को दिए गए लक्ष्य को निश्चित रूप से पूरा करने की कृपा करें।

आचार्य नंदकिशोर
प्रचार मंत्री सार्वदेशिक आर्य वीर दल

मधुर भजन सुने

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अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन को सफल बनाने के लिए आर्य वीर दल के समस्त अधिकारियों के लिए प्रधान संचालक जी के दिशा निर्देश।

अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन (३०,३१ अक्टूबर एवं १,२ नवंबर 2025) को सफल बनाने के लिए आर्य वीर दल के समस्त अधिकारियों के लिए प्रधान संचालक जी के दिशा निर्देश। प्रथम कड़ी।


सेवा में,
परम आदरणीय देशीय एवं विदेशीय संचालक महानुभव, सार्वदेशिक आर्य वीर दल। तथा आर्यावर्तस्थ समस्त प्रांतीय एवं जिला संचालक गण।


महोदय,
जैसा कि आपको विदित हो गया होगा कि पर्याप्त ऊहापोह के उपरान्त अंतर्राष्ट्रीय आर्य महासम्मेलन 2025 की तिथियां अंतिम रूप से निश्चित हो गई हैं और ये तिथियां हैं 30 ,31 अक्टूबर एवं 1 ,2 नवंबर 2025।


1-इस महासम्मेलन में आप सभी अधिकारियों एवं आर्य वीरों की पूर्व निश्चय अनुसार सहभागिता हेतु जोर-जोर से तैयारियां प्रारंभ कर दें। प्रांतीय तथा जिला स्तरीय अधिकारी गण अपने-अपने क्षेत्र का सघन दौरा करके प्रत्येक क्षेत्र, जिले, तहसील तथा ग्राम से आने वाले आर्य वीरों की न्यूनातिन्यून एवं अधिकाधिक संख्या निर्धारित करें यह संख्या 100,50,20,10 तक निश्चित की जा सकती है।

2-आर्य वीरों के सम्मेलन में भाग लेने की स्वीकृति अभिभावकों से अवश्य ही ले लें तथा पूर्ण रूप से सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करें।


3- आप द्वारा घोषित आर्य वीरों की संख्या को पूरा करने के लिए प्रांतीय स्तर की एकदिवसीय बैठक या कार्यशालाओं का आयोजन करके सभी सक्षम अधिकारियों तथा आर्य जनों की जिम्मेदारी निश्चित करें। यहां यह ध्यान करने योग्य है कि मध्य प्रदेश ,बिहार व पंजाब की कार्यशालाएं निश्चित हो चुकी हैं ।महाराष्ट्र भी अतिशीघ्र इसे संपन्न करने जा रहा है ।अन्य प्रांत यथाशीघ्र केंद्र से स्वीकृति लेकर इन्हें आयोजित करें।ये प्रथम कार्यशालाएं 15 अगस्त तक आवश्यक रूप से संपन्न हो जानी चाहिएं।


4-वर्षा ऋतु का आगमन हो गया है इस ऋतु में सभी अधिकारी, आर्यवीर वृक्षारोपण के कार्यक्रम को आवश्यक रूप से चलाएं। अधिकाधिक पेड़ लगाएं और इसकी सूचना केंद्र को भेजें।


5- श्री बृहस्पति जी को अपने प्रांत के गणवेश का आदेश (आर्डर) यथाशीघ्र प्रदान करें। शेष अगली कड़ी में।

प्रत्येक 15 दिन में (पाक्षिक) प्रधान संचालक जी के दिशा निर्देश आपको प्राप्त होते रहेंगे।


भावत्क:
सत्यवीर आर्य
प्रधान संचालक

आर्य वीर दल के अधिकारियों को महत्वपूर्ण सूचना

परम सम्माननीय आर्य वीर दल के समस्त प्रांतीय एवं जिलास्तरीय अधिकारी गण।


आशा है आप स्वस्थ एवं प्रसन्नचित होंगे। उत्तर भारत के लगभग सभी प्रांतो के विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रारंभ हो गए हैं तथा मध्य भारत और दक्षिण में भी छात्रों के अवकाश चल रहे हैं इसी कारण प्रांतों से शिविरों के आयोजन की पर्याप्त सूचनाऐं प्राप्त हो रही हैं तथा बहुत से शिविर आगामी दिवसों में आयोजित होने जा रहे हैं, इस सक्रियता के लिए आप सभी महानुभाव बधाई के पात्र हैं। इस बीच एक से 15 जून तक गुरुकुल विश्वभारती लाढ़ौत (रोहतक) में लगने वाले राष्ट्रीय शिविर की तैयारी भी जोर-शोर से चल रही है।अस्तु


ध्यातव्य


1-पाकिस्तान के साथ चल रहे अघोषित युद्ध के करण घबराएं नहीं तथा इस विषय में स्थानीय प्रशासन के आदेशों की अनुपालना करें।
2- यदि परिस्थिति जन्य कारणों से शिविर स्थगित अथवा रद्द करना पड़े तो आप राष्ट्रीय कार्यशाला के दिनांक 18 जनवरी 2025 तृतीय सत्र के प्रथम बिन्दु (प्रांत अनुसार महासम्मेलन में भाग लेने वाले आर्य वीरों की संख्या)पर गंभीरता से कार्य करना प्रारंभ कर दें,यहां यह नहीं भूलना चाहिए कि इस बिंदु में अंकित न्यूनतम संख्या आप सभी सम्माननीय अधिकारियों द्वारा अंकित कराई गई है।
3- प्रत्येक प्रांत से राष्ट्रीय शिविर में भाग लेने वाले शाखानायकों ,उप व्यायामशिक्षकों तथा शिक्षकों की संख्या 20 मई तक शिविर प्रबंधक आचार्य नंदकिशोर जी तथा प्रधान शिक्षक प्रवीण जी को अति आवश्यक रूप से भेज दें। इस शिविर में अंतिम तीन दिन (12 से 14 जून तक) शिक्षकों का महासम्मेलन के लिए पूर्वाभ्यास होगा, इस अभ्यास में सभी प्रान्त अपने यहां से कम से कम पांच शिक्षक अनिवार्यतः भेजें । जिन प्रान्तों में एक सौ से अधिक व्यायाम शिक्षक हैं वे इस संख्या को कम से कम 10 करें।
4 -शिविरों के संपन्न होने के बाद प्रत्येक प्रांत महासम्मेलन की तैयारी हेतु कम से कम एक दिन की कार्यशाला बुलाकर जिले वाइज कार्य सौंपे ।
आशा है आप इन सभी बिंदुओं पर अवश्य ही ध्यान देकर निश्चित रूप से कार्यवाही करेंगे।


नोट-यदि भारत-पाक युद्ध के कारण कोई परिवर्तन (केवल राष्ट्रीय शिविर के संदर्भ में) होता है तो आपको तुरंत सूचित किया जाएगा। आप सभी उत्साहित रहें और पूर्ण मनोयोग से कार्य करते रहें इन्हीं शुभकामनाओं के साथ।


आपका अपना
सत्यवीर आर्य
प्रधान संचालक।

आर्य वीर दल द्वारा ऋषि दयानंद संस्कार संस्कारशाला का शुभारंभ: बलिया

आर्य वीर दल बलिया द्वारा महर्षि दयानंद संस्कारशाला का शुभारंभ

बलिया जिले के ग्राम शेरवां कला में आर्य वीर दल बलिया द्वारा संचालित महर्षि दयानंद संस्कारशाला का भव्य शुभारंभ किया गया। इस शुभ अवसर पर वैदिक परंपरा के अनुरूप यज्ञ-हवन का आयोजन किया गया, जिसमें आचार्य ज्ञान प्रकाश वैदिक के सानिध्य में विधिवत वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस पावन अवसर पर समाज के अनेक प्रतिष्ठित विद्वान, आर्य समाज के सदस्य एवं स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Arya Veer Dal dwara Rishi Dayanand Sanskar Chala ka shubharambh Baliya 2025

वैदिक संस्कृति का प्रचार और उद्देश्य

महर्षि दयानंद संस्कारशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को वैदिक संस्कृति, चरित्र निर्माण एवं सर्वांगीण विकास की शिक्षा प्रदान करना है। यह संस्कारशाला न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि बच्चों को सत्य, अहिंसा, शुद्ध आचरण और राष्ट्रसेवा की भावना से ओत-प्रोत करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। संस्कारशाला में बच्चों को वैदिक धर्म के मूल सिद्धांतों से अवगत कराया जाएगा तथा उनके नैतिक एवं मानसिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उद्घाटन समारोह में प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति

कार्यक्रम में आचार्य अरुण प्रसाद, राजेश आर्य (जिला संचालक, आर्य वीर दल बलिया), विनोद आर्य, राम बहादुर आर्य, भृगुनाथ प्रसाद एवं महर्षि दयानंद संस्कारशाला के संचालक विपिन आर्य सहित अनेक आर्य वीर उपस्थित रहे। सभी ने संस्कारशाला के महत्व को रेखांकित किया और इसे समाज के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

Arya Veer Dal dwara Rishi Dayanand Sanskar Chala ka shubharambh Baliya 2025

संस्कारशाला की विशेषताएँ

  1. वैदिक शिक्षा – बच्चों को वेद, उपनिषद, दर्शन और भारतीय संस्कृति की मूलभूत शिक्षा दी जाएगी।
  2. चरित्र निर्माण – नैतिक शिक्षा, अनुशासन, आदर्श जीवनशैली और सामाजिक सद्भाव पर जोर दिया जाएगा।
  3. शारीरिक एवं मानसिक विकास – योग, प्राणायाम, आत्मरक्षा प्रशिक्षण एवं स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान प्रदान किया जाएगा।
  4. देशभक्ति एवं सेवा भाव – बच्चों में राष्ट्रप्रेम, परोपकार एवं सेवा की भावना विकसित की जाएगी।
  5. प्रतिदिन शिक्षण व्यवस्था – संस्कारशाला में प्रतिदिन नियमित कक्षाएँ संचालित की जाएँगी, जहाँ शास्त्रों के अध्ययन के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा का भी समावेश किया जाएगा।

आचार्य ज्ञान प्रकाश वैदिक जी ने अपने उद्बोधन में बच्चों को वैदिक शिक्षा चरित्र निर्माण और सर्वांगीण विकास की आवश्यकता और उन्होंने निम्न बिंदुओं पर उद्बोधन किया
♦️अच्छी संगत
♦️स्वाध्याय
♦️दिनचर्या
♦️आहार
♦️पहनावा,आदि अनेक विषयों पर ।

समापन एवं प्रसाद वितरण

कार्यक्रम के अंत में बच्चों को प्रसाद वितरण किया गया और सभी ने मिलकर शांति पाठ किया, जिसमें विश्व शांति एवं सभी के कल्याण की कामना की गई। संस्कारशाला के इस उद्घाटन समारोह ने सभी उपस्थित जनों में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया। आर्य वीर दल बलिया की यह पहल निःसंदेह समाज के नव निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और भविष्य में युवा पीढ़ी को सशक्त, संस्कारित और आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

सार्वदेशिक आर्य वीर दल द्वारा आर्य वीर एवं वीरांगनाओं को कराया ट्रैकिंग:

सार्वदेशिक आर्य वीर दल द्वारा दिनांक 30 मार्च 2025, रविवार को 🌳🌳🌴🌴 (पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन एवं जैवविविधता संरक्षण हेतु) 🌳🌳🌴🌴 आयोजित शैक्षणिक यात्रा में वाराणसी, चंदौली एवं मिर्जापुर जनपद के कुल 38 आर्य वीर एवं आर्य वीरांगनाओं ने भाग लिया।

Arya Veero ki tracking

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना, जैवविविधता की रक्षा करना और युवाओं को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना था। इस यात्रा के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न पर्यावरणीय विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया गया और उन्हें प्राकृतिक स्थलों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।

Arya Veero ki tracking

इस यात्रा के अंतर्गत पर्यावरणीय महत्व के स्थलों का भ्रमण किया गया और युवाओं को वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। यात्रा के दौरान आर्य वीरों एवं वीरांगनाओं ने प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों को समझा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता जताई।

Arya Veero ki tracking

यात्रा के दौरान सभी आर्य वीरों/वीरांगना ने यह अनुभव किया कि पहले के समय में आदिवासी कैसे रहते थे और वह अपना जीवन व्यापन कैसे करते थे

Arya Veero ki tracking

यात्रा के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण हेतु कार्य करेंगे और अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ेंगे।

प्रशिक्षण कर्तादिनेश आर्य
स्थानकुंड हिमैया, मुजफ्फरपुर चकिया, चंदौली से देवदरी कुंड तक

आर्य वीर दल प्रशिक्षण शिविर: लखनऊ

आर्य समाज के 150वें स्थापना वर्ष पर भव्य आयोजन

महर्षि दयानंद सरस्वती के आदर्शों पर आधारित युवा चरित्र निर्माण शिविर

आर्य समाज के 150वें स्थापना वर्ष के पावन अवसर पर आर्य वीर दल, उत्तर प्रदेश द्वारा युवा चरित्र निर्माण वृद्ध प्रांतीय प्रशिक्षण शिविर का भव्य आयोजन किया जा रहा है।

📅 शिविर तिथि: शुक्रवार, 23 मई से रविवार, 1 जून 2025 तक
📍 स्थान: डी.ए.वी. डिग्री कॉलेज, नाका हिण्डौला (लखनऊ)


कार्यक्रम का विशेष आयोजन

📅 शिविर उद्घाटन: शनिवार, 24 मई 2025 | ⏰ सायं 4.00 बजे
🚩 विशाल शोभायात्रा: शनिवार, 31 मई 2025 | ⏰ सायं 4.00 बजे
🏅 शिविर समापन समारोह: रविवार, 1 जून 2025 | ⏰ सायं 4.00 बजे
📢 समापन समारोह में सभी माता-पिता एवं अभिभावकों को सपरिवार आमंत्रित किया जाता है।


शिविर का उद्देश्य

महर्षि दयानंद सरस्वती जी ने समाज सुधार, शिक्षा एवं नैतिक उत्थान के लिए आर्य समाज की स्थापना की थी।

🔥 उन्हीं के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए, यह प्रशिक्षण शिविर युवाओं में शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए आयोजित किया जा रहा है।

💪 यह शिविर युवाओं को संस्कारवान, सशक्त, अनुशासित एवं राष्ट्रभक्त नागरिक बनाने का महत्वपूर्ण कार्य करेगा।


क्या आप चाहते हैं कि आपकी संतान:

गुणवान, चरित्रवान एवं बलशाली बने?
राष्ट्रभक्त, माता-पिता की सेवा करने वाला एवं साहसी बने?
हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करे और महान बने?
आपका मान-सम्मान बढ़ाए और आपके गौरव का कारण बने?

👉 यदि आपका उत्तर “हाँ” है, तो अपने पुत्र को 10 दिवसीय इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में अवश्य भेजें!


शिविर के विशेष लाभ

🧘‍♂️ योग एवं प्राणायाम से शारीरिक एवं मानसिक शक्ति में वृद्धि।
💊 स्वास्थ्य में सुधार – संतुलित दिनचर्या और प्राकृतिक जीवनशैली का लाभ।
🎤 व्यक्तित्व विकास – मंच संचालन, नेतृत्व क्षमता एवं संवाद कौशल में निखार।
🎨 विविध कलाओं का प्रशिक्षण – संगीत, शिल्प एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियाँ।
🥋 आत्मरक्षा प्रशिक्षण – जूडो-कराटे, लाठी, चाकू, भाला चलाने की विधियाँ।


शिविरार्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

📌 शिविरार्थी 23 मई 2025 को सायंकाल तक शिविर स्थल पर अवश्य पहुँचे।
🛏️ हल्का ग्रीष्मकालीन बिस्तर, भोजन पात्र, कॉपी, पेन और लाठी साथ लाएँ।
🍽️ शिविर में भोजन, आवास एवं प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क रहेगा।
🎓 आयु 13 से 35 वर्ष एवं न्यूनतम शिक्षा कक्षा 8वीं हो।
👕 गणवेश: सफेद टी-शर्ट, खाकी हाफ पैंट, सफेद सैंडो बनियान, सफेद मोजे, सफेद जूते।
💰 पंजीयन शुल्क: मात्र ₹100/- (अनिवार्य)।
📵 मोबाइल, कीमती आभूषण एवं अन्य मूल्यवान सामग्री शिविर में लाना वर्जित।


विशेष अनुरोध

🙏 आर्य वीर दल का यह प्रशिक्षण शिविर राष्ट्र निर्माण, संस्कारवान एवं प्रतिभाशाली युवाओं के निर्माण का पवित्र कार्य कर रहा है।
💖 इस महायज्ञ में आप भी आर्थिक सहयोग करके पुण्य के भागी बन सकते हैं।
💰 दान राशि बैंक/ड्राफ्ट/मनी ऑर्डर द्वारा आर्य वीर दल के खाते में भेज सकते हैं।


संपर्क सूत्र:

📞 आर्य वीर दल, उत्तर प्रदेश एवं समस्त आर्य परिवार
📲 मोबाइल: 9580530691, 9311413923, 6394922929


🚀 आइए, इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनें और अपने बच्चों को संस्कारवान, चरित्रवान एवं सशक्त नागरिक बनाने में सहयोग करें!

आर्य वीर दल का शिविर संपन्न: करतारपुर

आर्य वीर दल का सात दिवसीय शिविर: स्वामी विरजानंद गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर में हुआ संपन्न

स्वामी विरजानंद गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर, पंजाब के प्रांगण में आर्य वीर दल का सात दिवसीय शिविर दिनांक 23 मार्च 2025 से 29 मार्च 2025 तक सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।

इस शिविर का आयोजन गुरुकुल के प्राचार्य उदयन जी के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में व्यायाम शिक्षक श्रीकांत जी, जो कि महाराष्ट्र के प्रधान व्यायाम शिक्षक हैं, के नेतृत्व में आर्य वीरों को विभिन्न प्रकार की शारीरिक एवं सैनिक शिक्षा प्रदान की गई।


प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण

शिविर में भाग लेने वाले आर्य वीरों को भारतीय पारंपरिक व्यायाम, सैनिक शिक्षा, नियुद्धम तथा तलवारबाजी का गहन प्रशिक्षण दिया गया। व्यायाम शिक्षक श्रीकांत जी ने प्रतिभागियों को अनुशासन, आत्मरक्षा तथा शारीरिक स्फूर्ति बनाए रखने के लिए विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया।

सात दिनों के इस शिविर में 280 आर्य वीरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने कौशल को निखारने का अवसर प्राप्त किया।


मुख्य अतिथियों की उपस्थिति एवं सम्मान

इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के नेता वरुण जी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने आर्य वीरों की प्रतिभा और उनके समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा इस प्रकार के आयोजनों को समाज में बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

इसके अतिरिक्त, यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित प्राध्यापकों ने भी इस शिविर में विशेष योगदान दिया और सात दिनों तक विविध विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।


Arya Veer Dal shivir sampann Kartarpur

अंतिम दिन का विशेष आयोजन

शिविर के अंतिम दिन प्रतिभागियों द्वारा अपने अर्जित कौशल का भव्य प्रदर्शन किया गया।

280 आर्य वीरों ने समवेत रूप से सर्वांग सुंदर व्यायाम, सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार एवं नियुद्धम का शानदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन ने उपस्थित दर्शकों को रोमांचित कर दिया और भारतीय संस्कृति एवं शारीरिक सशक्तिकरण की महत्ता को उजागर किया।


अंतिम सत्र और समापन समारोह

शिविर के समापन समारोह में गुरुकुल के प्राचार्य उदयन जी ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत एवं सम्मान किया।

उन्होंने शिविर की सफलता का श्रेय गुरुकुल परिवार, आर्य वीर दल और प्रशिक्षकों की मेहनत को दिया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के शिविरों से युवा पीढ़ी में आत्मनिर्भरता, अनुशासन और देशभक्ति की भावना को और अधिक मजबूती मिलेगी।

इस सात दिवसीय शिविर ने युवा आर्य वीरों के मानसिक एवं शारीरिक विकास को एक नई दिशा दी और भारतीय संस्कृति एवं परंपरा को सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

अब लेख को पंक्तिबद्ध रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे पढ़ने में और अधिक सुगमता होगी। यदि इसमें और सुधार या बदलाव चाहिए तो बताएं!

आर्य वीर दल शिविर: बिहार

राष्ट्रसेवा में समर्पित आर्य समाज का युवा संगठन

सार्वदेशिक आर्य वीर दल

आर्य समाज की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए एवं समाज सुधार, राष्ट्रसेवा तथा युवा सशक्तिकरण को बल देने के उद्देश्य से, आर्य समाज के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आर्य समाज फरबिसगंज एवं जिला आर्य सभा, अररिया द्वारा एक भव्य जिला स्तरीय आर्य महासम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस महासम्मेलन के साथ ही आर्य वीर दल प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया जाएगा।

यह प्रशिक्षण शिविर उन सभी आर्य वीरों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जो स्वास्थ्य, आत्मरक्षा, चरित्र निर्माण एवं राष्ट्रभक्ति की दिशा में कदम बढ़ाना चाहते हैं। इसलिए आप सभी सादर आमंत्रित हैं।


कार्यक्रम विवरण

वर्ग स्थल: मिर्जापुर कोठी, प्रखण्ड फारबिसगंज, अररिया, बिहार

तिथि: 31 मार्च 2025 (सोमवार) से 1-2 अप्रैल 2025 (बुधवार) तक

प्रवेश शुल्क: मात्र ₹100

वेशभूषा:

  • खाकी नेकर
  • उजली टी-शर्ट
  • टोपी
  • लाठी
  • सफेद जूता एवं सफेद मोजा

उम्र सीमा:

  • न्यूनतम: छठी कक्षा (12 वर्ष)
  • अधिकतम: 40 वर्ष

आवश्यक सामग्री:
शिविरार्थियों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं साथ लानी होंगी, जैसे—

  • बेडशीट
  • मच्छरदानी
  • थाली
  • ग्लास
  • कटोरा
  • मंजन
  • ब्रश
  • डायरी
  • कलम आदि

प्रशिक्षक मंडल

मुख्य प्रशिक्षक:

  • सागर आर्य (झाझा, जमुई, बिहार)

सहायक प्रशिक्षक:

  • सनोज यादव आर्य (मीरगंज, जोगबनी)
  • सुमित राम आर्य (महेश्वरी, जोगबनी)
  • अंशु शर्मा आर्य (महेश्वरी, जोगबनी)

शिविर का उद्देश्य

यह प्रशिक्षण शिविर केवल शारीरिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन, आत्मरक्षा, नैतिकता एवं नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। आर्य वीर दल के इस शिविर में आपको शारीरिक व्यायाम, योग, आत्मरक्षा, प्रेरणादायक प्रवचन एवं वैदिक ज्ञान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

यह शिविर आपके जीवन में अनुशासन एवं सेवा भाव को जागृत करेगा और समाज के प्रति आपकी जिम्मेदारी को और अधिक दृढ़ बनाएगा।

सभी आर्य वीरों से अनुरोध है कि इस महत्वपूर्ण शिविर में भाग लेकर राष्ट्रसेवा एवं समाज सुधार के इस पवित्र कार्य में अपना योगदान दें।


सम्पर्क सूत्र

पं. बिन्देश्वरी प्र. आर्य (जिला प्रधान) – 9431658341

नागेन्द्र सहनी आर्य (मंत्री, जोगबनी) – 9661802350

डॉ. जगदीश आर्य (उप-प्रधान) – 9801614353

विक्रम सोनी आर्य (जिला संयोजक) – 8292785730

पं. संजय सत्यार्थी (प्रांतीय संचालक) – 7717766151

प्रमोद आर्य (उप-संचालक) – 9931990022

मनोज यादव आर्य (जिला संचालक) – 9523583997

दीपक प्रमाणिक आर्य (जिला मंत्री) – 8709883931

आयोजक:
आर्य समाज, फारबिसगंज एवं जिला आर्य सभा, अररिया, बिहार

🚩 ओ३म् 🚩