संभागीय शीतकालीन युवा चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर दुर्ग

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संभागीय शीतकालीन युवा चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर

महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की 200 वीं जयंती के आयोजनों की श्रृंखला में आयोजित एवं आर्य समाज की स्थापना के 150 वां वर्ष पूर्ण होने के महा-पावन उपलक्ष्य पर सर्वांगीण विकास हेतु इस वर्ष विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

।। नमस्ते जी ।।

शिविरों के द्वारा युवाओं के सर्वांगीण विकास हेतु चरित्र आत्मिक, बौद्धिक व अध्यात्मिक विकास, वैदिक विचारधारा आसन, प्राणायाम व ध्यान, यज्ञ प्रशिक्षण, व्यक्त्त्वि विकास, संवाद कौशल आत्मरक्षा व प्राथमिक कमांडो प्रशिक्षण, के साथ-साथ राष्ट्रीयता के संस्कारों को देने का कार्य करता है। जिससे आपके बच्चों के जीवन को आदर्श बनाया जा सके और अपने परिवार व समाज के प्रति जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन कर सकें।

दिनांक – 21 दिसम्बर से 27 दिसम्बर 2024 तक

स्थान – दयानन्द परिसर आर्य समाज, आर्य नगर दुर्ग (छ.ग.)

आयोजक

आर्य समाज मंदिर, आर्य नगर दुर्ग (छ.ग.)

प्रधान श्री संजय आर्य

मंत्री श्री मनोज आर्य

कोषाध्यक्ष श्री कृष्णमूर्ति आर्य

आर्यवीर दल दुर्ग

भिलाई (छ.ग.)

संभाग संचालक श्री इन्द्र आर्य

जिला मंत्री श्री हिमांशु आर्य

आर्यवीर दल अधिष्ठाता श्री राज कुमार भल्ला

आर्यवीर दल छत्तीसगढ़

संगठन मंत्री श्री कपिल देव शास्त्री

मंत्री डॉ. श्री वेदव्रत आर्य

आर्यवीर दल अधिष्ठाता श्री राजीव आर्य

आर्शिवाद

छत्तीसगढ़ प्रांतीय आर्य प्रतिनिधि सभा

प्रधान / संचालक छ.ग. आर्यवीर दल डॉ. श्री राम कुमार पटेल जी

मंत्री श्री अवनीभुषण पुरंग जी

उपप्रधान श्री रामनिवास गुप्ता जी

शिविर संयोजक श्री कृष्णमुर्ति आर्य

शिविराध्यक्ष श्री अरूण कुमार आर्यवीर

व्यायाम शिक्षक साहिल आर्यवीर

माता – पिता का कर्तव्य

अस्माक वीरा उत्तरे भवन्यु

बच्चों को भौतिक शिक्षा देने के साथ साथ वैदिक बौद्धिक, शारीरिक शिक्षा भी प्रदान करें और उन्हें बलवान बुद्धिमान संस्कारवान बनाए। बच्चों को सुरक्षित भविष्य के लिए उन्हें शस्त्र और शास्त्र दोनों का ज्ञान दें। बच्चें बलवान, चरित्रवान होंगे तो आयुष्मान भी बनेंगे। यदि बच्चों से सच्चा प्यार है, तो उन्हे धन के साथ धर्म भी अन्यथा बिना वैदिक धार्मिक ज्ञान के जब बच्चे कुसंग में फसकर बिगड़ जाते है तो माता पिता बहुत दुःखी होते है। अतः अपना भविष्य सुखमय बनाने हेतु स्वयं भी सनातन वैदिक धर्म की शिक्षा और संस्कार से ओत प्रोत होवे एवं सन्तान को अपना अनुकरण कराये।

शिविरार्थियों हेतु निर्देश:-

  1. शिविरार्थियों की आयु 12 वर्ष से अधिक हो।
  2. शिविर शुल्क 100 रूपये प्रति शिविरार्थी होगा एवं दो पासपोर्ट साईज फोटो साथ लाएं।
  3. शिविरार्थी अपने साथ कोई कीमती सामान न लाएं। जैसे-मोबाईल, घड़ी, चेन, ईयरफोन, आईपैड आदि।
  4. शिविरार्थी भोजन के लिए थाली, गिलास, चम्मच, कटोरी, ऋतु अनुकूल बिस्तर साथ लाएं।
  5. शिविर गणवेश – खाकी निक्कर, सफेद पी.टी. जूते, सफेद जुराब, लंगोट साथ लाएं।
  6. सभी शिविरार्थी 21 दिसम्बर के शाम तक शिविर स्थल अवश्य पंहुचे।
  7. सभी शिविरार्थियों का शिविर की दिनचर्या एवं अनुशासन में रहना आवश्यक है।
  8. आवश्यकतानुसार यदि आप कोई विशेष दवाई लेते हैं तो साथ लावें।
  9. शिविरार्थियों अपने साथ लाए अधिकतम रूपये शिविर बैंक में प्रथम दिवस ही जमा करावे, जो कि यह जमा राशि शिविर समापन पर ही वापस दी जाएगी।

सहयोगी संस्थाये

आर्य समाज मंदिर सेक्टर 6 भिलाई

आर्य समाज मंदिर कोहका भिलाई

आर्य समाज नयापारा दुर्ग

आर्य समाज मंदिर मठपारा दुर्ग

आर्य समाज मंदिर सुपेला भिलाई

महिला आर्य समाज नेहरू नगर

एवं समस्त आर्य समाज, आर्यवीर/वीरांगना दल

रजिस्ट्रेशन हेतु स्कैन करे –

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सम्पर्क सूत्र :-

श्री कृष्णमूर्ति आर्य 9131222030,

श्री तुषार आर्य – 6265740840,

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