वैदिक विद्या केंद्र, पुदुच्चेरी और डीएवी कौशल केंद्र, चेन्नई के तत्वाधान में..
– आर्य युवक-युवतियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का निमंत्रण
मुख्य बिंदु –
कौशल प्रशिक्षण की अवधिः 12 महीने (1 अगस्त 2024 से 31 जुलाई 2025)
2. साथ में वैदिक प्रचारक बनने का प्रशिक्षण।
3. आयु सीमा: 18 से 25 वर्ष के अविवाहित आर्य युवक-युवतियों।
4. नवनिर्मित वैदिक विद्या केंद्र, पुदुचेरी में निःशुल्क आवासीय और भोजन व्यवस्था।
5. NSDC, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट6. प्रशिक्षण की समाप्ति पर आत्मनिर्भर होने का योग्यतानुसार अवसर।
विभिन्न कौशल प्रोग्राम की सूची –
Web & Graphic Designing
Computer Hardware & Software Servicing Smartphone Servicing & CCTV Installation
General Duty Nursing Assistant
Garment Making & Fashion Designing
Refrigeration & A/C Technician
Electrician & Plumbing Technician
Industrial Technician Yamaha
Two-Wheeler Service Technician
Automobile Four Wheeler Service Technician
ये प्रारम्भिक कोर्स है। आने वाले दिनों में अन्य कोर्स को जोड़ने की सम्भावना है।
संस्था का परिचय –
DAV School, Chennai आर्य समाज चेन्नई के अंतर्गत DAV स्कूल चेन्नई चल रहा है। वर्तमान में DAV ग्रुप के स्कूलों में लगभग 40 हजार छात्र – छात्राएं पढ़ रहे हैं। इसके अंतर्गत, DAV कौशल केंद्र के द्वारा युवक युवतियों में कौशल का विकास कर उनको आत्मभनिर्भर बनाने का प्रकल्प हैं।
वैदिक विद्या केंद्र, पुदुच्चेरीवैदिक विद्या केंद्र, पुदुच्चेरी में स्थित है। इसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग में वैदिक शिक्षा का प्रचार-प्रसार करना है। यहाँ हर तरह की आवासीय और शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध है। यहाँ बच्चों और युवाओं का गुरुकुल एवं वानप्रस्थियो के लिए आश्रम चालू हो रहा है। इसका निर्माण आर्य समाज और DAV स्कूल चेन्नई के द्वारा करवाया गया है।
प्रचारक बनने का प्रशिक्षण-
• मूल वैदिक सिद्धांतो की स्पष्टता एवं अन्य धर्म अथवा मतों से तुलनात्मक अध्ययन ।
• संस्कारो को करने और समझाने की योग्यता।
• मंच से वक्तव्य देने का अभ्यास।
• भजन उपदेशक – उपदेशिका का प्रशिक्षण (रुचि एवं योग्यतानुसार)।
• प्रचार के आधुनिक साधनों जैसे की मल्टीमीडिया इत्यादि का उपयोग।
• कैमरा के समक्ष बोलने का प्रशिक्षण और अभ्यास।
• विभिन्न तरह की प्रचार सामग्री (फिल्म, App, पुस्तके इत्यादि) से परिचय।
• सोशल मीडिया में प्रचार का प्रशिक्षण।
• अंग्रेजी भाषा की योग्यतानुसार प्रशिक्षण इत्यादि।”वेद का पढ़ना-पढ़ाना और सुनना- सुनाना सब आर्यों का परम धर्म है।”महर्षि दयानन्द सरस्वती
इस प्रकल्प का उद्देश्य –
“कुर्वन्नेवेह कर्माणि जिजीविषेच्छुतः समाः “शुभ कर्मों को करते हुए सौ वर्ष की आयु को प्राप्त होवें। कर्मों में निर्लिप्त होते हुए कर्म करें।
• हम लोग एक ओर चाहते हैं की आर्य युवक युवतियां सुदृढ़ रूप से आत्मनिर्भर हो, दूसरी ओर वे वैदिक प्रचार का कार्य प्रभावशाली तरीके से कर सकें। हमारा मानना है कि आर्थिक सबलता वैदिक प्रचार को और अधिक प्रभावशाली बना सकती है।
• अतः यह निमंत्रण उन्ही युवक-युवतियों के लिए है जो आर्य समाज के तीसरे नियमानुसार वैदिक प्रचार को आपने जीवन का अभिन्न अंग मानते हैं।
इस योजना में निम्न लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी –
1. वैदिक शिक्षा संस्थानों से पढ़े।
2. आर्य वीर-वीरांगना दल के सदस्य।
3. वैदिक आचार्यों, प्रचारकों, पुरोहितों और आर्य समाज के सदस्यों के परिजन।
4. कोई भी युवक-युवती जो उपयुक्त किसी भी श्रेणी में न हो, पर वैदिक धर्म के प्रति कटिबद्ध हो, वे भी आवेदन कर सकते है।
योजना का आर्थिक पक्ष :
• यह योजना पूर्ण रूप से निःशुक्ल है। परन्तु भाग लेने वाले हर प्रतिभागी को 20 हजार रुपए बतौर सुरक्षा राशि जमा करने होंगे।
• यह प्रशिक्षण पूर्ण करने पर सुरक्षा राशि प्रतिभागी को लौटा दिया जाएगा।
• हर एक प्रतिभागी से अपेक्षा है कि वे अपनी योग्यतानुसार संस्था में निःशुल्क सेवा कार्य करेंगे।
• अगर प्रतिभागी की आर्थिक स्थिति सुरक्षा राशि देने की नहीं हैं, तो विशेष आवेदन देने पर छूट दी जा सकती है।
उच्च स्तर की पढ़ाई कर रहे आर्य युवक-युवतियों के लिए विशेष निमंत्रण :
• अगर आप कोई भी डिस्टेंस /ऑनलाइन पढ़ाई, एवं किसी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। तो आप VVK के सात्विक वातावरण में एकाग्रता से अपनी पढ़ाई / तैयारी कर सकते है।
• आवास, भोजन, व्यायाम और इंटरनेट इत्यादि की उत्तम व्यवस्था उपलब्ध है।
• आवास, भोजन इत्यादि का मासिक शुल्क 8000 हजार रुपया है।
• संस्था में सेवा कार्य देने पर अथवा विशेष आवेदन देने पर इसमें छूट दी जा सकती है।

