आर्य समाज अपने गौरवमयी 150 वर्ष पूरे कर रहा है, और इस ऐतिहासिक अवसर पर सत्य सनातन वैदिक धर्म के पुनर्जागरण के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। भारतीय संस्कृति और परंपरा को संजोने तथा शक्ति संचय के उद्देश्य से आर्य वीरांगना दल शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर बालकों एवं बालिकाओं के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
वेदोद्धारक महर्षि दयानन्द सरस्वती की प्रेरणा
महर्षि दयानन्द सरस्वती ने समाज में वैदिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए अथक प्रयास किए। वेदों के प्रचार-प्रसार और सामाजिक सुधार की उनकी यह परंपरा आज भी आर्य समाज के माध्यम से जारी है। इस शिविर का उद्देश्य महर्षि दयानन्द सरस्वती के सिद्धांतों को जीवन में उतारकर युवाओं को आत्मरक्षा, व्यक्तित्व विकास, योग, यज्ञ और संस्कृत संभाषण में प्रशिक्षित करना है।
शिविर का आयोजन
📅 दिनांक: 23 मार्च (रविवार) से 30 मार्च (रविवार) 2025
📍 स्थान: दयानन्द गर्ल्स इंटर कॉलेज, अलकनंदा एन्क्लेव, दीपपुर, चकेरी, कानपुर नगर

शिविर के प्रमुख आकर्षण
1️⃣ आत्मरक्षा प्रशिक्षण – बालक एवं बालिकाओं को आत्मरक्षा के विभिन्न तकनीकों की शिक्षा दी जाएगी, जिससे वे किसी भी विपरीत परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।
2️⃣ व्यक्तित्व विकास – आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रभावी संवाद कौशल को बढ़ाने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
3️⃣ संस्कृत संभाषण – शिविर में वैदिक भाषा संस्कृत को बोलचाल में लाने के लिए अभ्यास कराया जाएगा।
4️⃣ यज्ञ और वैदिक अध्ययन – यज्ञ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक उन्नति को प्रोत्साहित किया जाएगा।
5️⃣ योग और व्यायाम – शरीर को स्वस्थ और मन को स्थिर रखने के लिए योगासन, प्राणायाम और शारीरिक व्यायाम का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
6️⃣ आदर्श चरित्र निर्माण – सत्य, अहिंसा, अनुशासन और सेवा की भावना को विकसित करने के लिए प्रेरणादायक कहानियाँ और सत्र आयोजित किए जाएंगे।

आयोजन समिति
🏅 आयोजक: आर्य वीर दल एवं आर्य वीरांगना दल, कानपुर नगर
यह शिविर न केवल बालकों एवं बालिकाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाएगा, बल्कि उन्हें वैदिक संस्कृति और आर्य समाज के महान सिद्धांतों से भी परिचित कराएगा। यह एक अद्वितीय अवसर है, जिसमें सहभागिता करके आप अपने जीवन को नई दिशा दे सकते हैं।
ओ३म्

