आर्य वीर दल बलिया द्वारा महर्षि दयानंद संस्कारशाला का शुभारंभ
बलिया जिले के ग्राम शेरवां कला में आर्य वीर दल बलिया द्वारा संचालित महर्षि दयानंद संस्कारशाला का भव्य शुभारंभ किया गया। इस शुभ अवसर पर वैदिक परंपरा के अनुरूप यज्ञ-हवन का आयोजन किया गया, जिसमें आचार्य ज्ञान प्रकाश वैदिक के सानिध्य में विधिवत वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस पावन अवसर पर समाज के अनेक प्रतिष्ठित विद्वान, आर्य समाज के सदस्य एवं स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

वैदिक संस्कृति का प्रचार और उद्देश्य
महर्षि दयानंद संस्कारशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को वैदिक संस्कृति, चरित्र निर्माण एवं सर्वांगीण विकास की शिक्षा प्रदान करना है। यह संस्कारशाला न केवल शिक्षा का केंद्र बनेगा, बल्कि बच्चों को सत्य, अहिंसा, शुद्ध आचरण और राष्ट्रसेवा की भावना से ओत-प्रोत करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। संस्कारशाला में बच्चों को वैदिक धर्म के मूल सिद्धांतों से अवगत कराया जाएगा तथा उनके नैतिक एवं मानसिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
उद्घाटन समारोह में प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में आचार्य अरुण प्रसाद, राजेश आर्य (जिला संचालक, आर्य वीर दल बलिया), विनोद आर्य, राम बहादुर आर्य, भृगुनाथ प्रसाद एवं महर्षि दयानंद संस्कारशाला के संचालक विपिन आर्य सहित अनेक आर्य वीर उपस्थित रहे। सभी ने संस्कारशाला के महत्व को रेखांकित किया और इसे समाज के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

संस्कारशाला की विशेषताएँ
- वैदिक शिक्षा – बच्चों को वेद, उपनिषद, दर्शन और भारतीय संस्कृति की मूलभूत शिक्षा दी जाएगी।
- चरित्र निर्माण – नैतिक शिक्षा, अनुशासन, आदर्श जीवनशैली और सामाजिक सद्भाव पर जोर दिया जाएगा।
- शारीरिक एवं मानसिक विकास – योग, प्राणायाम, आत्मरक्षा प्रशिक्षण एवं स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान प्रदान किया जाएगा।
- देशभक्ति एवं सेवा भाव – बच्चों में राष्ट्रप्रेम, परोपकार एवं सेवा की भावना विकसित की जाएगी।
- प्रतिदिन शिक्षण व्यवस्था – संस्कारशाला में प्रतिदिन नियमित कक्षाएँ संचालित की जाएँगी, जहाँ शास्त्रों के अध्ययन के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा का भी समावेश किया जाएगा।
आचार्य ज्ञान प्रकाश वैदिक जी ने अपने उद्बोधन में बच्चों को वैदिक शिक्षा चरित्र निर्माण और सर्वांगीण विकास की आवश्यकता और उन्होंने निम्न बिंदुओं पर उद्बोधन किया
♦️अच्छी संगत
♦️स्वाध्याय
♦️दिनचर्या
♦️आहार
♦️पहनावा,आदि अनेक विषयों पर ।
समापन एवं प्रसाद वितरण
कार्यक्रम के अंत में बच्चों को प्रसाद वितरण किया गया और सभी ने मिलकर शांति पाठ किया, जिसमें विश्व शांति एवं सभी के कल्याण की कामना की गई। संस्कारशाला के इस उद्घाटन समारोह ने सभी उपस्थित जनों में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार किया। आर्य वीर दल बलिया की यह पहल निःसंदेह समाज के नव निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और भविष्य में युवा पीढ़ी को सशक्त, संस्कारित और आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

