तुम्हारे दिव्य दर्शन की इच्छा में लेके आया हूं

तुम्हारे दिव्य दर्शन की मैं इच्छा ले के आया हूँ । पिला दो प्रेम का अमृत पिपासा लेके आया हूँ ।।१ ।। रतन अनमोल लाते लाने वाले भेट को तेरी । मैं केवल आसुओं की मञ्जुमाला लेके आया हूँ || २ ||   जगत् के रंग सब फीके तू अपने रंग में रंग दे । … Continue reading तुम्हारे दिव्य दर्शन की इच्छा में लेके आया हूं